साई दर सजदा करूँगा
मैं तो दर तेरे सजदा करूगा सदा,
मैं तो साई दर सजदा करूँगा सदा,
मुझे गम ने मारा परेशान किया,
मैं गम से दबा गम उठा न सका,
गम भूल गया जब से मुझे तेरा द्वारा मिला,
मैं तो दर तेरे सजदा……..
तेरे कुछ लाभिया के पथरा गई,
अधि धडकनों का भरोसा नहीं,
जब हिला न सका पर तुझे देख कर जय जय करा किया,
मैं तो दर तेरे सजदा………
वो हर जरे में है समाया हुआ,
असमान बनके श्रिस्ती में छाया हुआ,
तेरी रहमत हुई साईं मुझ पर मुझे,
मैं तो दर तेरे सजदा ….
