रिद्धि सिद्धि का देव निराला शिव पारवती का लाला
रिद्धि सिद्धि का देव निराला,
शिव पार्वती का लाला,
सदा ही कल्याण करता
मेरा देव है मंगल कारी सभी के भण्डार भरता,
रिद्धि सिद्धि का देव निराला।।
शिव का दुलारा है गोरा महतारी है,
ग़ज सा बदन तेरा मुशे की सवारी है,
चढ़े पान फूल मेवा सरे संत करे तेरी सेवा,
सभी का तुहि मान रखता,
मेरे देव है मंगल कारी सभी के भंगार भरता,
रिद्धि सिद्धि का देव निराला।।
दुंद डूण्डला है सूंड सड़ला है,
भक्तो का मंगल करने वाला है,
तुझे मन से जो भी भुलाता
पल भर में दौड़ा आता सफल सब काम करता,
मेरा देव है मंगल कारी सभी के भंडार भरता,
रिद्धि सिद्धि का देव निराला।।
हर्ष कहे पहले इसको मना ले
चरणों में इसके शीश झुका ले,
सारे वीगन हटा दे तेरे सारे काम बना दे तेरे,
दीनो के दुःख दूर करता ,
मेरा देव है मंगल कारी सभी के भंडार भरता,
रिद्धि सिद्धि का देव निराला।।
