रामा ओ रामा रे दिल खोलो मिल के बोलो सारे बोलो सीता राम
रामा ओ रामा रे,
रामा ओ रामा रे ।
दिल खोले मिल के बोलो,
सारे बोलो सीता राम ।
जीना क्या उस का जीना,
जो लेता कभी ना,
सिया वर राम का नाम ।।
राम बिना हम जाए हम कहाँ रे,
राम सिवा भी जाना कहाँ रे ।
राम लल्ला की खोज में
खुद को खोना , उनको पाना है ।
बार बार भटके बेकार,
जब तुझको पता ठिकाना है ।
आजा रे आजा रे आजा रे,
रघुवर की शरण में भुलादें
हम इस पल सारे काम ।।
जय जय राम सीता राम,
जय जय राम सीता राम ।
जय जय राम राम राम
जय जय राम सीता राम ।।


