राम की राहो में मैं फूल बिछाऊँगी
राम की राहो में मैं फूल बिछाऊँगी
बड़े प्यार से उनको बेर खिलाऊंगी।।
राम एक दिन मेरी कुटी में आएंगे
बड़े प्यार से उनको मैं बैठूंगी।।
राम की राहो में मैं फूल बिछाऊँगी
बड़े प्यार से उनको बेर खिलाऊंगी।।
मन में बसालुंगी मैं सूरत प्यारे राम की
सुबह शाम फिरंगी
माला उनके नाम की।।
धन्य धन्य हो जाऊंगी
उनका करके दर्शन
भाग्य जगा देंगे
ये कहती है मेरी धड़कन।।
थंडे थंडे नीर से फिर निहलाउंगी
बड़े प्यार से उनको बेर खिलाऊंगी।।

