राम जी के पड़िहें चरणवा

  • Ram Ji Ke Padihen Charanwa

राम जी के पड़िहें चरणवा, सखी हमरे भवनवा-०२
हमरे भवनवा हो हमरे भवनवा,
हमरे भवनवा सखी हमरे भवनवा,
लखन लाल सिया अइहें संगवा, सखी हमरे भवनवा,
राम जी के पड़िहें चरणवा, सखी हमरे भवनवा-०२

कुश के गेनरिया पर उनके बिठईवे,
प्रभु जी के स्वागत में दियना जलइवे,
मेवा फल मिश्री के भोगवा लगइवे,
आपन दुःख सुख उनसे बतइवे,
जी भर के कराव दर्शनवा, सखी हमरे भवनवा,
राम जी के पड़िहें चरणवा, सखी हमरे भवनवा।

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अपने भगतवा के असरा पुरइहें,
आई के हमरो हो भगिया जगइहें,
हां दुखवा हरण करीहें, सुख बरसइहें,
टुटही मड़इया महलिया बनइहें,
खिल जाइ दुअरा अंगनवा, सखी हमरे भवनवा,
राम जी के पड़िहें चरणवा, सखी हमरे भवनवा।


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