राधे जी के गाँवों मैं कुनजो के छाव में

  • Radhe Ji Ke Gaon Main Kunjo Ke Chhav Mein

राधे जी के गाँवों मैं
कुनजो के छाव में
रहता है मोर मुकुट वाला
बंसी बाज़वे प्यारो गोपाला
बंसी बाज़वे प्यारो नंद लाला।।

राधे जी के गाँवों मैं
कुनजो के छाव में
रहता है मोर मुकुट वाला।।

राधे जी के गाँव में
कुंजों के छाँव में
रहता है मोर मुकुट वाला
बंसी बजावे प्यारा गोपाला
बंसी बजावे प्यारा नंदलाला

राधे जी के गाँव में
कुंजों के छाँव में
रहता है मोर मुकुट वाला

सखी रहता है मोर मुकुट वाला
बंसी बजावे प्यारा गोपाला
बंसी बजावे प्यारा नंदलाला
रास रचाए संग ब्रज बाला

करता है माखन की चोरी
संग में है ग्वालों की टोली
फिर भी करता है बरजोरी
बड़ा नटखट वो नंदलाला
बड़ा नटखट वो नंदलाला सखी

बंसी बजावे प्यारा गोपाला
बंसी बजावे प्यारा नंदलाला
रास रचाए संग ब्रज बाला

उसको वेणु बजाते देखा
उसको धेनु चराते देखा
उसको रास रचाते देखा
उसको रास रचाते देखा

रंग काला है मन उजियारा
बंसी बजावे प्यारा गोपाला
रास रचावे संग ब्रज बाला

राधे जी के गाँव में
कुंजों के छाँव में
रहता है मोर मुकुट वाला
सखी रहता है मोर मुकुट वाला
बंसी बजावे प्यारा गोपाला
रास रचावे संग ब्रज बाला

हो वृंदावन में उसको देखा
कुंज गलिन में फिरते देखा
बरसाने में बिकते देखा
श्री राधाजी का वो मतवाला
बंसी बजावे प्यारा गोपाला

राधे जी के गाँव में
कुंजों के छाँव में
रहता है मोर मुकुट वाला
सखी रहता है मोर मुकुट वाला
बंसी बजावे प्यारा गोपाला
रास रचावे संग ब्रज बाला

मिलते-जुलते भजन...