रात सपने में आई मेरी माँ बोली के दरबार आना है

  • Raat Sapne Mein Aayi Meri Maa Boli Ke Darbar Aana Hai

सपना ये आया है मैया ने बुलाया है
रात सपने में आई मेरी माँ
बोली के दरबार आना है

खिल उठी अब मेरी आत्मा
बोली के दरबार आना है

रात सपने में आई मेरी माँ
बोली के दरबार आना है
जय माँ जय जय माँ

आख़िर वो पल आ ही गया
जब माँ का बुलावा आया है

मेरे तन मन में रंग भक्ति का जो छाया है
ऐसा लगता है संग में है माँ
बोली के दरबार आना है

रात सपने में आई मेरी माँ
बोली के दरबार आना है

नही लगती कठिन चढ़ाई
ऐसी है महामाई

जब लगान लगे मैया से
तो दर ना लगे दुनिया से
ऐसी है महामाई

नही लगती कठिन चढ़ाई
ऐसी है महामाई

जिसने पखारे मा के चरण
उसके समारे जानम मारन
मुँह माँगा वरदान मिला
जो भी गया है मा की शरण
जीते जी स्वर्ग पाई
ऐसी है महामाई

नही लगती कठिन चढ़ाई
ऐसी है महामाई

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