रास रच्यो है यमुना तट पर
सबको राधे राधे !
जय श्री कृष्णा !
कान्हा की बाजे बाँसुरिया, झूमे नाचे गुजरिया-०२
नाचे गुजरिया, झूमे गुजरिया-०२
कान्हा की बाजे बाँसुरिया, झूमे नाचे गुजरिया-०२
ललिता भी नाचे विशाखा भी नाचे-०२
चन्द्रसखी सत्यभामा भी नाचे-०२
राधा की लचके कमरिया, झूमे नाचे गुजरिया-०२
कान्हा की बाजे बाँसुरिया, झूमे नाचे गुजरिया ।
रास रच्यो यमुना के तट पर-०२
धूम मची है बंशी वट पर-०२
तन मन की नाहीं खबरिया, झूमे नाचे गुजरिया-०२
कान्हा की बाजे बाँसुरिया, झूमे नाचे गुजरिया ।
रसिया रस बरसाय रह्यो है-०२
अपनों रंग चढ़ाय रह्यो है-०२
छूटे ना सारी उमरिया, झूमे नाचे गुजरिया-०२
कान्हा की बाजे बाँसुरिया, झूमे नाचे गुजरिया ।
और इस भजन को भी देखें: अमृत बरसाओ कर दो नैया पार
नाचत नाचत हुई रे दीवानी-०२
भक्तों उनकी अमर कहानी-०२
याद रखेगी ये दुनिया, झूमे नाचे गुजरिया-०२
कान्हा की बाजे बाँसुरिया, झूमे नाचे गुजरिया-०२
