पार होगा वही जिसे पकड़ोगे राम
पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा,
पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम।।
तैरना क्या जाने, पत्थर बेचारे
तैरने लगे तेरे, नाम के सहारे
नाम लिखते ही आ गए हैं, पत्थर में प्राण,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा,
पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम।।
लंका जलाई, लांघा समुन्दर
राक्षस को मार आया, छोटा सा बन्दर
बस जपता रहा, दिन रात तेरा नाम ,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा,
पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम।।
सुनकर के बाते, मुस्काए राम जी
मारे ख़ुशी के, नाचे हनुमान जी
भक्त देखा ना बनवारी, तेरे समान ,
जिसको छोड़ोगे, पलभर में डूब जाएगा,
पार होगा वही, जिसे पकड़ोगे राम।।


