ओ साईं
ओ साई…
ओ साई तेरे दर पे मैंने,
ओ साई तेरे दर पे मैंने, तेरा दर्शन किया-०२
मैं तो कंकड़ सा था,
ओ ओ ओ..
मैं तो कंकड़ सा था, तूने कंचन किया-०२
ओ बाबा तेरे दर पे मैंने, तेरा दर्शन किया,
मैं तो कंकड़ सा था,
ओ ओ ओ…
मैं तो कंकड़ सा था, तूने कंचन किया-०२
ओ साई…
क़दमों में तेरे जो सिर को झुकाया, तूने उठा के अपने गले से लगाया-०२
ओ साईं तेरे दर पे मैंने,
ओ साईं तेरे दर पे मैंने, तेरा वंदन किया,
मैं तो पानी सा था, तूने चन्दन किया-०२
ओ साईं…
और इसे भी देखें: मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
दुनिया की राहों पे मैं जब चला था, तुम साथ थे मैं अकेला कहाँ था-०२
उजालों का भय ना, अंधेरों का डर था-०२
तुमने संभाला था, मैं बेखबर था,
मैं डूबने लगा तुम हाथ बन गये, जिंदगी में मेरी सौगात बन गये,
ओ साईं तेरे दर पे मैंने,
ओ साईं तेरे दर पे मैंने, तेरा सुमिरन किया,
मैं तो निर्जन सा था, तूने मधुवन किया-०२
ओ साईं…
मैंने तेरी शरण में पाया जहां-०२
दूर तेरे चरण से जाऊं कहाँ-०२
हां जाऊं कहाँ,
ओ साईं सबकुछ हीं मैंने,
ओ साईं सबकुछ हीं मैंने, तुझको अर्पण किया,
मैं तो कुछ भी न था, तूने पावन किया-०२
ओ साईं…
