ओ सबके पालनहारी
ओ सबके पालनहारी, तेरे द्वारे भीड़ भारी,
जब सबकी सुन लेगा तो, आएगी ना मेरी बारी,
मैं बोल ना पाऊं तो क्या, तू आँखे पढ़ सकता है,
मेरी आवाज नहीं तो, दिल की धड़कन सुन सकता है,
जब सबको देता तू तो, मैं क्यों छूट गया हूँ,
मेरी आस नहीं सुनता शिव, मुझसे रूठ गया तू,
अब कितना और मैं चीखूँ कि तुझको सुनाई दे,
या सुनकर भी अनसुना करता, कैसी ये रुसवाई है,
ओ सबके पालनहारी, तेरे द्वारे भीड़ भारी,
जब सबकी सुन लेगा तो, आएगी ना मेरी बारी,
मैं बोल ना पाऊं तो क्या, तू आँखे पढ़ सकता है,
मेरी आवाज नहीं तो, दिल की धड़कन सुन सकता है।
मैं मूक तेरे भक्तों को तेरे मंदिर लेकर आया,
तेरे द्वारे तक तो पहुँच गया पर अंदर जा ना पाया,
मैं मूक तेरे भक्तों को तेरे मंदिर लेकर आया,
तेरे द्वारे तक तो पहुँच गया पर अंदर जा ना पाया,
ये बोझ है मुझपर ऐसा कि नंदी ढ़ो ना पाए,
मेरे कष्टों को तू देख ले शिव, तेरी आँखे भर आएंगी,
अंधे को आँखे देते, प्यासे को गंगा कि रात,
जुबान मुझे कब दोगे बोलो ना करुणा निधान,
अब कितना और मैं चीखूँ कि तुझको सुनाई दे,
या सुनकर भी अनसुना करता, कैसी ये रुसवाई है,
ओ सबके पालनहारी, तेरे द्वारे भीड़ भारी,
जब सबकी सुन लेगा तो, आएगी ना मेरी बारी,
मैं बोल ना पाऊं तो क्या, तू आँखे पढ़ सकता है,
मेरी आवाज नहीं तो, दिल की धड़कन सुन सकता है।
और इस भजन से भी आनंदित हों : बरस रही प्रभु की कृपा अपार
सतयुग कि गौरी देवी को श्री राम मिले त्रेता युग में,
द्वापर में कृष्ण कि नैया जो उसे कौन बचाये कलयुग में,
जो युगों युगों सत्कार किया, कैसे अब वो लाचार हुए,
जो असुरों को थी झेल गयी, पर मानव से वो हार गयी,
अब राम रहे ना कृष्ण है, ना मुरली है न वान धनुष,
अमृत असुरों के हिस्से में और शिव भक्तों के मुख पर विष,
रघुनन्दन आ जा राम कहाँ नंदलाला कैसी लीला है,
शिव पशुपति का न्याय कहाँ जब बेजुवान को चीला है,
जो दशानंद भी कर ना सका वो काम किया हत्यारों ने ,
शिव के चरणों में बैठा नंदी बिकता है बाजारों में,
भूखा वो घायल प्यासा है और धुप में तपता फिरता है,
जो द्वारपाल शिव के घर का शिव मंदिर पर हीं मरता है,
जब सबको देता तू तो, मैं क्यों छूट गया हूँ,
मेरी आस नहीं सुनता शिव, मुझसे रूठ गया तू,
अब कितना और मैं चीखूँ कि तुझको सुनाई दे,
या सुनकर भी अनसुना करता, कैसी ये रुसवाई है,
ओ सबके पालनहारी, तेरे द्वारे भीड़ भारी,
जब सबकी सुन लेगा तो, आएगी ना मेरी बारी,
मैं बोल ना पाऊं तो क्या, तू आँखे पढ़ सकता है,
मेरी आवाज नहीं तो, दिल की धड़कन सुन सकता है-०२
