ओ हनुमत प्यारे जाके रघुवर से कहना
रावण की लंका में बैंड सीता मैय्या
पुकारे भक्त शिरोमणि हनुमान को
जा दे दे मेरा संदेश तेरे प्रभु श्री राम को।।
हे हनुमत प्यारे
ओ जाके रघुवर से कहना
है मुश्किल ये मेरा जीना
हो लंका में अब न रहना
हे हनुमत प्यारे।।
ओ हनुमत प्यारे
ओ जाके रघुवर से कहना
है मुश्किल ये मेरा जीना
हो लंका में अब न रहना
हे हनुमत प्यारे।।
कैसे अबला इस लंका में
अपनी लाज बचाये हो
धूल दसनन आके यह पे
मुझको रोज दरये।।
हर पल मुझको लगता डर
दुंधे उनको मेरी नजर
डर से जौ कही ना मैं मर
हे हनुमत प्यारे।।
झर झर बहते आंसू मेरे
रास्ता उनका निहारे ओ।।

