नैनन की तपन बुझाओ श्याम आओ श्याम
नैनन की तपन बुझाओ श्याम आओ श्याम
नैनन की तपन बुझाओ श्याम आओ श्याम।।
गदिकागीध अजामिल तुमने तारे
कहाँ छिपे हो जीवन प्राण हमारे
जीवन की नैया तुम्हारे हाथ आओ श्याम।।
नैनन की तपन बुझाओ श्याम आओ श्याम
नैनन की तपन बुझाओ श्याम आओ श्याम।।
तुम दुःख को दूर करने वाले कष्ट हरो मेरे
सारे बिना तुम्हरे जाऊं किसके द्वारे
भक्तों के तुमने सँभाले काम आओ श्याम।।
हे नँदनंदन किरपा सिंधु मुरारी हे
नटनागर गोवेर्धन गिरधारी
अब हमसे मिलने आओ श्याम आओ श्याम ।।



