नाम रस बरसे रे
नाम रस बरसे रे, नाम रस बरसे-०२
नाम की है बरसे फुहार, माँ के दरबार,
नाम रस बरसे रे,
जय हो जय हो, जय हो जय हो जय हो,
आज भक्ति में तन मन रंग लो-०२
ना भक्त कोई तरसे रे-०३
माँ की कृपा से माँ की मेहर से, घड़ी सुहानी आयी-०२
घड़ी सुहानी आयी, घड़ी सुहानी आयी,
सच्ची लगन से झूमे दीवाने, माँ ने ममता लुटायी,
माँ ने ममता लुटायी, माँ ने ममता लुटायी,
छायी है मस्ती बेसुमार, माँ के दरबार,
नाम रस बरसे रे,
जय हो जय हो, जय हो जय हो जय हो,
आज भक्ति में तन मन रंग लो-०२
ना भक्त कोई तरसे रे-०३
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इस मस्ती से बढ़कर मन को, और ना कुछ भी भाये,
और न कुछ भी भाये, और ना कुछ भी भाये,
ये मस्ती ना इतनी सस्ती, मिले ये हस्ती लुटाये,
मिले ये हस्ती लुटाये, मिले ये हस्ती लुटाये,
अलबेली महकी है बहार, माँ के दरबार,
नाम रस बरसे रे,
जय हो जय हो, जय हो जय हो जय हो,
आज भक्ति में तन मन रंग लो-०२
ना भक्त कोई तरसे रे-०३
रौशन माँ के खेल निहारे, जलवा माँ ने दिखया,
जलवा माँ ने दिखाया, जलवा माँ ने दिखाया,
भक्ति रस में डुब के सबने, माँ का मंगल गाया,
माँ का मंगल गाया, माँ का मंगल गाया,
गूँज रही माँ की जय जय जैकार, माँ के दरबार,
नाम रस बरसे रे,
जय हो जय हो, जय हो जय हो जय हो,
आज भक्ति में तन मन रंग लो-०२
ना भक्त कोई तरसे रे-०५
