ना सिर पे छत है ना घर में बिछौना माँ मुझे क्यों तड़पाती है मैं हूँ तेरा दीवाना माँ
ना सिर पे छत है
ना घर में बिछौना माँ
मुझे क्यों तड़पाती है
मैं हूँ तेरा खिलौना माँ
ना सिर पे छत है
ना घर में बिछौना माँ
मुझे क्यों तड़पाती है
मैं हूँ तेरा खिलौना माँ
मेरी किस्मत की रेखा
मैं समझ न पाया माँ
कई युगों से तरस रहा
सुख देख न पाया माँ
मेरे चारों तरफ मइया
किस्मत में है रोना माँ
मुझे क्यों तड़पाती है
मैं हूँ तेरा खिलौना माँ
मझधार में है नैया
बड़ी दूर किनारा है
मेरी नाव बड़ी कमजोर
मुझे तेरा सहारा है
तेरा भक्त पुकार रहा
तूने पार लगाना माँ
मुझे क्यों तड़पाती है
मैं हूँ तेरा खिलौना माँ
मेरी मिट्टी की काया
मेरा मोल कोई ना माँ
तेरे दर्शन की खातिर
लिया जनम दुबारा माँ
अब चलह दे दीवाने को
दुख और तू देना ना
मुझे क्यों तड़पाती है
मैं हूँ तेरा दीवाना माँ
ना सिर पे छत है
ना घर में बिछौना माँ
मुझे क्यों तड़पाती है
मैं हूँ तेरा खिलौना माँ
