ना देर करो अम्बे माँ
ना देर करो अम्बे माँ, कभी मेरे घर भी आ जाना-०३
जो रुखा सूखा दिया हमें,
जो रुखा सूखा दिया हमें, कभी उसका भोग लगा जाना,
ना देर करो अम्बे माँ, कभी मेरे घर भी आ जाना-०२
मैं निर्धन माँ तेरी दासी हूँ, मुझे दुनिया की कुछ खबर नहीं-०३
कभी बैठो मेरे अंगना में,
कभी बैठो मेरे अंगना में, मुझे अपनी चरनी लगा जाना,
ना देर करो अम्बे माँ, कभी मेरे घर भी आ जाना-०२
तुमसे ना कहें माँ किससे कहें, यहाँ पालनहारा कोई नहीं-०३
बस जाओ माँ तुम नयनन में,
बस जाओ माँ तुम नयनन में, मेरा बेड़ा पार लगा जाना,
ना देर करो अम्बे माँ, कभी मेरे घर भी आ जाना-०२
और इस भजन को भी देखें: कितनी भक्ति तुझसे है माँ
अनजान मैं मूरख हूँ दाती, बस तेरा सहारा साथ मेरे-०३
मैं गुनहगार हूँ तेरा माँ,
मैं गुनहगार हूँ तेरा माँ, मेरे दोषों को तू भुला जाना,
ना देर करो अम्बे माँ, कभी मेरे घर भी आ जाना,
जो रुखा सूखा दिया हमें,
जो रुखा सूखा दिया हमें, कभी उसका भोग लगा जाना,
ना देर करो अम्बे माँ, कभी मेरे घर भी आ जाना-०२
