मुझे माफ़ करो श्री राम मैने तोड़ के खाए आम

  • Mujhe Maaf Karo Shri Ram Maine Tod Ke Khaye Aam

मुझे माफ़ करो श्री राम
मैने तोड़ के खाए आम
इसमे उस रावण का क्या गया।।

मुझे माफ़ करो श्री राम
मैने तोड़ के खाए आम
इसमे उस रावण का क्या गया।।

फल खाना ज़ुल्म सा हो गया
मैं क्या करता क्या करता।।

जब मैने फल थे खाए
राक्षस दौड़े आए
मुझको पत्थर से मारा
और भले भी चमकाए।।

मेरा घोटा चालू हो गया
मैं क्या करता क्या करता।।

बोलिए बालाजी महाराज की जाई

फिर अक्षय लड़ने आया
आते ही मुझे डराया
फिर उसने आँख दिखाई
फिर मैने अपनी लात चलाई
रवाँ का दुलारा सो गया
मैं क्या करता क्या करता।।

फल खाना ज़ुल्म सा हो गया
मैं क्या करता क्या करता।।

हो फिर मेघनाथ को भेजा
उसने खाया मेरा भेजा
फिर मैने पेड़ उखाड़ा
और मेघनाथ पेर फेका।।

ओ चक्कर खा के सो गया
मैं क्या करता क्या करता।।

फल खाना ज़ुल्म सा हो गया
मैं क्या करता क्या करता।।

हो फिर उसने रूई मंगाई
मेरी पूछ पे आग लगाई
मैने एक घर से दूजे घर तक
मैने सारी लंका जलाई।।

लंका का कबाड़ा हो गया
मैं क्या करता क्या करता।।

वीर बलि लंका में पहुचा
तोड़ दिया बर्घॉटा
बड़े बड़े योद्धा को मारा
और घुमा दिया घोटा
बल्ले बल्ले हो गयी है।।

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