मोहन संग खेले राधा प्यारी बरसाने में होली

  • Mohan Sang Khele Radha Pyari Barsane Mein Holi

मोहन संग खेले राधा प्यारी,
बरसाने में होली,
सबके मन भाये दिल में समाये,
ऐसी सुन्दर जोड़ी।।

इत नंद गाम के कान्हा है,
और संग ग्वालन की टोली,
उत बरसाने की राधा है,
संग में हैं सखियाँ भोली,
और अबीर गुलाल भर भर मारे,
मुख से मली है रोली,
बरसाने में होली,
मोहन संग खेलें राधा प्यारी,
बरसाने में होली,
बरसाने में होली।।

कांधे कमरिया हाथ लकुटिया,
ग्वाल बाल सब आए,
माखन चोर भी आज रंग की,
गागर भर कर ले आए,
भर भर पिचकारी सब ग्वालों ने,
सखियाँ ऊपर छोड़ी,
बरसाने में होली,
मोहन संग खेलें राधा प्यारी,
बरसाने में होली,
बरसाने में होली।

जो भी गावे फाग प्रेम का,
वो भी रंग रंग जाए,
राधा-कृष्ण की युगल छवि,
उसके मन में बस जाए,
सबके के मन भाए दिल में समाये,
ऐसी सुंदर जोड़ी,
बरसाने में होली,
मोहन संग खेलें राधा प्यारी,
बरसाने में होली,
बरसाने में होली।।

नील-पीत और लाल गुलालों,
से अम्बर रंग आया,
भक्तों ने भी है आज प्रेम,
गहरा ये रंग चढ़ाया,
‘अभिराज राघवेंद्र’ गावें महिमा,
ऐसी रंगोली होली,
बरसाने में होली,
मोहन संग खेलें राधा प्यारी,
बरसाने में होली,
बरसाने में होली।

मोहन संग खेले राधा प्यारी,
बरसाने में होली,
सबके मन भाये दिल में समाये,
ऐसी सुन्दर जोड़ी।।

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