मेरी सुनलो पुकार तेरा सच्चा दरबार
जयकारा शेरवाली दा बोल साँचे दरबार की जय
जयकारा शेरवाली दा बोल साँचे दरबार की जय ।।
माँ तुम नही सुनोगी तो कौन सुनेगा
तेरा ये बेटा दिल की बात किस से कहेगा
मेरी सुनलो पुकार तेरा सच्चा दरबार
देखो मुझको एक बार करो मैया उपकर।।
अपने भगत दुख सदा तुमने हारे है
दे कर उससे वरदान मा भंडारे भरे
मेरी ये खाली झोली मा कौन भरेगा
तेरा ये बर्टा दिल की बात किससे कहेगा
तुम हो जगत की माता कहलाती हो अंबे
मा हज़ारो हाथ वाली तेरे हाथ है लंबे
मा शरदे भवानी फिर कौन कहेगा
तेरा ये बेटा दिल की बात किससे कएहेगा
मेरी सुनलो पुकार तेरा सच्चा दरबार
देखो मुझको एक बार करो मैया उपकर
मा उँचे भवनो वाली तेरी उँची शान है
अपने Bःअगत का मा सदा रखती तू ध्यान है
तेरा ये बेटा डोर तुझसे कैसे रहेगा
तेरा ये बेटा दिल की बात किससे कहेगा
मेरी सुनलो पुकार तेरा सच्चा दरबार
देखो मुझको एक बार करो मैया उपकर
शेरोवली मा पहाड़ोवली मा जाई जाई मा
ये प्रेम तो पागल है मा तेरे ही नाम का
करता ये रोज दर्शन मा तेरे धाम का
भाव से गिरी को पार माता कौन करेगा
तेरा ये बेटा दिल की बात किससे कहेगा
मेरी सुनलो पुकार तेरा सच्चा दरबार
देखो मुझको एक बार करो मैया उपकर
माँ तुम नही सुनोगी तो कौन सुनेगा
तेरा ये बेटा दिल की बात किस से करेगा
