मेरी सुनलीजो पवनकुमार शरण मैं आन पड़ी
मेरी सुनलीजो पवनकुमार
शरण मैं आन पड़ी
एक दुखिया रही है पुकार
शरण मैं आन पड़ी
मेरी सुनलीजो पवनकुमार
शरण मैं आन पड़ी
एक दुखिया रही है पुकार
शरण मैं आन पड़ी
देखा तेरा धाम निराला
हे माता अंजनी के लाला
तेरा सच्चा बड़ा दरबारी
शरण मैं आन पड़ी
मेरी सुनलीजो पवनकुमार
शरण मैं आन पड़ी
बाबा तू है करुणा दानी
तेरी सबसे अलग कहानी
करदे मेरा भी उद्धरी
शरण मैं आन पड़ी
मेरी सुनलीजो पवनकुमार
शरण मैं आन पड़ी
सब पे तेरी छात्र छाया
द्वार तुम्हारे जो भी आया
बाबा दे दे मुझे भी थोडा प्यारी
मेरी सुनलीजो पवनकुमार
शरण मैं आन पड़ी
बिगडे सबके काज बनाये
भक्ति की तू लाज बचाए
तेरी सबसे बड़ी सरकार
शरण में आन पड़ी
मेरी सुनलीजो पवनकुमार
शरण मैं आन पड़ी
