मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर पे आज हो

  • Meri bigdi bana do deva ham aaye dar pe aaj ho

मंगल के दाता बुद्धि विधाता सफल करो हर काज हो
मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर पे आज हो

रिद्धिसद्धि के के दाता तुम हो दीनो के भाग्य जगाते
मन चाहा वर देते सबको, काम सभी के बनाते
झोलिया सबकी भरते देवा, हुआ ना कोई नाराज हो
मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर

हार चढ़ाए फूल चढ़ाए और चढ़ाए मेवा
कुमकुम रोली का तिलक लगाएं करें रात दिन सेवा
काम भी के तुम्ही संवारें,मेरे सवारों आज हो
मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर

हे दुख भनजन असुर निकंदन, महिमा तेरी निराली है
संकट में जिसने नाम पुकारा, छाये मुख पे लाली है
सफल ना होता काम कोई,तेरे बिना गणराज हो
मेरी बिगड़ी बना दो देवा हम आए दर

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