मेरी बिगड़ी बनाने को मेरी जगदम्बे आएगी
मेरी बिगड़ी बनाने को मेरी जगदम्बे आएगी
मेरी उज्ज्वल बसने को मेरी जगदम्बे आएगी
ये सार्थक से भारी दुनिया
किसी का दर्द क्या जाने
कोई निराश जीवन से है
कोई सच क्या माने
मुझे धीरज धराणे को
मेरी जगदम्बे आएगी
मेरी उज्ज्वल बसने को मेरी जगदम्बे आएगी
मेरी बिगड़ी बनाने को मेरी जगदम्बे आएगी
मुझे मान का भरोसा है
मुझे मान का सहारा है
भिवानी की दया से ही
मेरा चलाता गुजरा है
मेरी मुश्किल हटाने को मेरी जगदम्बे आएगी
मेरी उज्ज्वल बसने को मेरी जगदम्बे आएगी
पवन का रूप धर आई
जबी बनी ने पुकारा था
भक्त ध्यानु का हर एक
काम माँ ने सावरा था
मेरी लाज बचने को मेरी जगदम्बे आएगी
मेरी उज्ज्वल बसने को मेरी जगदम्बे आएगी
मैं भक्ति छोड अम्बे की
किसी का नाम क्यों ध्यान
सहारा छोड़ जननी का किसी
की शरण क्यों जाना
मुझे रास्ता दिखाने को मेरी जगदम्बे आएगी
मेरी उज्ज्वल बसने को मेरी जगदम्बे आएगी
पहाड़ों की गुफ़ाओं में
भवन मान का निराला है
भगत ये वैष्णो ही चंडी
महाकाली ज्वाला हैपूजास्थल
मुझे दर्शन दिखने को
मेरी जगदम्बे आएगी
मेरी उज्ज्वल बसने को मेरी जगदम्बे आएगी
मेरी बिगड़ी बनाने को मेरी जगदम्बे आएगी
