तेरी आँखो मैं वही दिलदार है
मेरी आँखो मैं वही दिलदार है
जिसपे शैदा ये सब संसार है।।
जो अयोध्या में आकर धनुष धरी बनी
और ब्रज में वो लीला बिहारी बना
ऐसे नटवर पेर सबकुछ निसार है
जिसपे शैदा ये सब संसार है।।
मेरी आँखो मैं वही दिलदार है
जिसपे शैदा ये सब संसार है।।