मेरे पवनपुत्र हनुमान करूं मैं तेरा हर पल ध्यान
मेरे पवनपुत्र हनुमान,
करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,
नज़र मो पे रखना तू हनुमान
नज़र मो पे रखना तू ।।
तेरी मूरतिया पे मन मोरा अटका,
चढ़ाऊं तो पे सिंदूरी पटका,
ओ तेरी मूरतिया पे मन मोरा अटका,
चढ़ाऊं तो पे सिंदूरी पटका,
तेरा संकटमोचन नाम
तेरा संकटमोचन नाम ओ।।
तेरा संकटमोचन नाम,
करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,
नज़र मो पे रखना तू हनुमान,
नज़र मो पे रखना तू।।
तेरी गदा पर मन मेरा अटका,
प्यारी कथाओं में मन मोरा भटका,
तेरे अद्भुत सारे काम ओ।।
तेरे अद्भुत सारे काम,
करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,
नज़र मो पे रखना तू हनुमान,
नज़र मो पे रखना तू
तेरे भजनों पे मन मोरा अटका,
प्यारा लगे हर रंग में पटका,
तेरे मन में राम का नाम ओ।।
तेरे मन में राम का नाम,
करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,
नज़र मो पे रखना तू हनुमान,
नज़र मो पे रखना तू।।
तेरी पादुका पे मन मोरा अटका,
मुझे तो लग गया तेरा चसका,
तेरे चरणों में अंतर्ध्यान ओ।।
मेरे पवनपुत्र हनुमान,
करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,
नज़र मो पे रखना तू हनुमान
नज़र मो पे रखना तू ।।




