मेरे मन के राजा श्याम सलोने आजा
मेरे मन के राजा श्याम सलोने आजा
आज कल बदल गयी परसो
बीत गये पल पल में बरसो
गोकुल की सूनी गलियो में
आकर रस बरसा जा
मेरे मन के राजा श्याम सलोने आजा
कुंजन वन की प्यारी रते
भूल गये क्या प्रेम की बातें
उसी घाट की लहरो पेर फिर
मॅन की नाव चला जा
मेरे मन के राजा श्याम सलोने आजा
तरस रही यमुना की धारा
हाए कहा है मोहन प्यारा
वह ग्वालो की पहली तड़पन
आके अमर बनाजा
मेरे मन के राजा श्याम सलोने आजा
हार गयी रो रो कर नैना
ह्रदय हुक उठे नही है
हरी बाँस की पौरी से फिर दिल की तपन बुझा जेया
मेरे मॅन के राजा श्याम सलोने आजा
किसी भी बहाने आजा रे साँवरिया
आजा रे साँवरिया आजा रे साँवरिया
अब बहुत हुए नील मानी अलाके बिखरते आजाओ
अब बहुत हुए माँ प्राण सखी मुस्कान लूटते आजाओ
अब बहुत हुए रसिया प्रियतम रोतो को हँसते आजाओ
अब बहुत हुए चिट चोर साजन बंसी को बजाते आजाओ
किसी भी बहाने आजा रे साँवरिया
आजा रे साँवरिया आजा रे साँवरिया।।

