मेरे बालाजी के द्वारे
मेहंदीपुर दरबार निराला
जहाँ बैठे हैं बजरंग बाला
संकट क्षण में दूर भागते
अंजनी मैय्या जी के लाला।।
शरण जो आए शीश झुकाए
कर देते वारे न्यारे
सोए भाग पल में जागते
रोग दोष भी डोर हारते
मेरे बालाजी के द्वारे
मेरे बालाजी के द्वारे।।
सब देवो में देव निराले
मेरे घाटे वाले
संकट चाहे कितना भी हो
सबको दूर तले
बनाई सब कम ये ऐसा धाम
जो आए दुनिया से हारे।।
सोए भाग पल में जागते
रोग दोष भी दूर हारते
मेरे बालाजी के द्वारे
मेरे बालाजी के द्वारे।।
निर्धन को धनवान बना दे
निर्बल को बलवान
जो भी परेशानी हो सबको
दूर कराई हनुमान
जापे जो नाम अठो याम
हर लेते दुखड़े सारे।।
समधी वेल बाबा की तो
बात ही वहाँ निराली
टीन पहाड़ के उपर बैठी
मैय्या खप्पर वाली
भैरों नाथ प्रेत सरताज
अमित शर्मा जी भी धयाये
मेरे बालाजी के द्वारे।।

