मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी
मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी
मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी
हनुमंत बजरंगी हो हनुमंत बजरंगी
हनुमंत बजरंगी बजरंगी बजरंगी।।
मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी
तुम्हारे नमन कारु सौ बार हनुमत बजरंगी।।
नाव पड़ी मझधर हमारी
आकार लेनेही शरण तहरी
और ठिकाना नहीं है दूजा
तुम बिन किसको ध्यानु बना हूँ सत्संगी
मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी।।
बड़ी बात बनने वाले
तुम हो लाज बचने वाले
बड़ी सुनी है महिमा तोरी
मैं माला फिरयु बना हु सत्संगी
मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी।।
क्या राम काज भी तुमने सांवेरे
डूबे बेड पर उतरे अतुलित बल धमा तुम हो
चरनो में शीश झुकाउ बना हु सत्संगी
मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी।।
हैं पूरन कीजो हमारी आशा
घाट में छै घोर निराशा
तेरा सहारा हरदम लींहा
छोड तुम्हें कहा जाउ बना हु सत्संगी
मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी।।
कमल सिंह है बना सवाली लक्खा अब ना जाए खली
भगतन का तो दाता तू तेरा हरदम ही गुण गौ
बना हू सत्संगी
मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी
बजरंगी को बाला को हनुमत को बाला को
मेरा कर दो बेडा पार हनुमंत बजरंगी।।
