महंगाई में कैसे काम बनेगा लाखों में
महंगाई में कैसे काम बनेगा लाखों में
सौगात करोड़ो की देदे मेरे हाथो में।।
महंगाई में कैसे काम बनेगा लाखों में
सौगात करोड़ो की देदे मेरे हाथो में।।
दौर महंगाई का है जोरो पे
पूछले चाहे मैया औरो से।।
काम जो पहले होते लखो में
आज वो हो गये करोड़ो के।।
लाख दो लाख लग जाते
बातो ही बातो में।।
सौगात करोड़ो की
देदे मेरे हाथो में।।
माँगकर तुमसे जो भी लाते है
काम उतने में ही चलते है।।
खोलनी पड़ती है जूबा अपनी
बड़े मजबूर जब हो जाते है।।
अपने जीवन की गाड़ी है तेरे हाथो में
सोगाट करोड़ो की देदे मेरे हाथो में।।
कभी रहने को घर बनवाना है
कभी बेटे बेटी को ब्यहना है।।
और नवरत्रो में तेरा मैया
भारी कीर्तन भी तो करना है।।
सोनू ख्वाब सजे है ये बरसो से आँखो में
सौगात करोड़ो की देदे मेरे हाथो में।।
महंगाई में कैसे काम बनेगा लाखों में
सौगात करोड़ो की देदे मेरे हाथो में।।
