मेहंदीपुर दरबार की शोभा न्यारी है
मेहंदीपुर दरबार की शोभा न्यारी है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
मेहंदीपुर दरबार की शोभा न्यारी है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
वो पल भर में कस्तो को दूर भगत है
झोली भर ले जाते नर और नारी है।।
मेहंदीपुर दरबार की शोभा न्यारी है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
वो ही तू ही मेरे सुखे बाग का बाबा है माली
भर दे तू झोली मेरी बाबा हो गई खली
शिव शंकर का हनुमान अवतार है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
ओ सिया राम के नाम को मन मुरख तू जपल
बालाजी भी खुश होंगे एक बार तू रतले
राम नाम राम नाम के बाबा मस्त पुजारी है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
मेहंदीपुर दरबार की शोभा न्यारी है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
ओ अंजनी मां के लाल हो तुम बाल ब्रह्मचारी
अर्ज तेरे चरणो में बाबा देखले महरी
हरदम करते बाबा सेवा दारी है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
मेहंदीपुर दरबार की शोभा न्यारी है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
ओ बालाजी तेरे दर्शन की आस है भारी है
चरणजीत के मन की तू सुनले बालकरी
सतगुरु मेरे हवागिरी तप धारी है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
मेहंदीपुर दरबार की शोभा न्यारी है
बालाजी करदेते दूर बीमारी है।।
