मेहंदीपुर और सालासर में रूका शिव अवतारी का
मेहंदीपुर और सालासर
में रूका शिव अवतारी का
कसम से जादू सा कर गया
मैं फीन सु राम पुजारी का।।
गायक – नरेंद्र कौशिक
मेहंदीपुर और सालासर
में रूका शिव अवतारी का
कसम से जादू सा कर गया
मैं फीन सु राम पुजारी का
बाल रूप है चंदा जैसा
मेहंदीपुर वाले का
दुनिया हुई दीवानी सारे
रूप गजब चले का
जिस्ने हो जा दर्शन काटे
पल में देही साड़ी का।।
कसम से जादू सा कर गया
मैं फीन सु राम पुजारी का।।
सालासर में भवन निराला
पक्षी भी गन गेट है
होवे आरती छिता लागे
लगते ही उड़ जाते हैं।।
पक्षी होवे जा जीव जंतु
कश्त हरे सब नर नारी का ।।
कसम से जादू सा कर गया
मैं फीन सु राम पुजारी का।।
जीवन नइयां पर लगा दी
कर गया मोह को बरा।।
कोठी बंगले महल बनाए
गद्दी करादि बरहा।।
जिंदगी बार मैं शान ना
भुलु गऊ गुन बलकारी का।।
कसम से जादू सा कर गया
मैं फीन सु राम पुजारी का ।।
कप्तान शर्मा होया दीवाना
राम सिंह का चेला।।
राम स्माल न करता भक्ति
रह हो सिखि गहलाया।।
राकेश भगत दरबार लगावे
बाबा मुख्तार धारी का।।
कसम से जादू सा कर गया
मैं फीन सु राम पुजारी का।।

