माया तुम्हारी राम राम जीव भी तुम्हारा
माया तुम्हारी राम, राम जीव भी तुम्हारा,
माया जीव दोनों को ही, राम का सहारा,
माया तुम्हारी राम, राम जीव भी तुम्हारा।।
राम की बिभा से जैसे, माया सत्य भागे,
जीव जाने क्या है माया, राम की कृपा से,
माया जीब दोनों का ही, धाम राम द्वारा,
माया तुम्हारी राम, राम जीव भी तुम्हारा।।
मूर्ति माया ने सवारी, जीव करे पूजा,
माया जीव दोनों का, देव नही दूजा,
गूंजे राम जी का नाम, गूंजे इक तारा,
माया तुम्हारी राम, राम जीव भी तुम्हारा।।
माया ने खिलाई ढाली, जीव फूल माली,
माया ने सजाई थाली, जीव ज्योति वाली,
राम ने उजाला किया, सूर्ये चन्दर तारा,
माया तुम्हारी राम, राम जीव भी तुम्हारा।।
