माता सीता जी केहदो हनुमान जी से
माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,
थोड़ी राम जी की भक्ति का प्रसाद दे दे।।
मन में मेरे रामजी की भगती जागे
हनुमत मेरे सिर पे हाथ रखदे,
माता सीता जी केहदो हनुमान जी से।।
ओ माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,
थोड़ी राम जी की भक्ति का प्रसाद दे दे।।
बड़ी है दयालु सब की विनती सुनती
जो भी चरण में आये रामा भक्त करते,
माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,
मेरे मन का भी सकल विषाद हर ले।।
हनुमत सा कोई बलवान नहीं है
उनसा जगत में बुद्धिमान नहीं है,
माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,
मन में मेरे भी भगति का अनुराग भर दे।।
संकट पड़े तो हनुमान को पुकारो,
अपने मन में पावन शक्ति जगाओ,
माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,
मेरे जीवन में भगति का इक स्वाद भरा दे,
माता सीता जी केहदो हनुमान जी से ।।
मन में मेरे रामजी की भगती जागे
हनुमत मेरे सिर पे हाथ रखदे,
माता सीता जी केहदो हनुमान जी से।।
माता सीता जी केहदो हनुमान जी से,
थोड़ी राम जी की भक्ति का प्रसाद दे दे।।

