मत जाओ पिया होली आय रही

  • Mat Jao Piya Holi Aayi Rahi

मत जाओ पिया होली आय रही,
मत जाओ पिया होली आई रही।
मत जाओ पिया होली आय रही,
मत जाओ पिया होली आई रही।।

वो तो जिनके पिया नित घर ही बसत हैं,
जिनके पिया नित घर ही बसत हैं,
जिनके पिया नित घर ही बसत हैं,
हे जिनके पिया नित घर ही बसत हैं,
वो तो उनकी नारी रंग भरी।।
मत जाओ पिया होली आय रही,
वो तो उनकी नारी रंग भरी,
मत जाओ पिया होली आई रही,
वो तो उनकी नारी रंग भरी।।
मत जाओ पिया होली आय रही,
मत जाओ पिया होली आई रही..

जिनके पिया परदेश बसत हैं,
हे जिनके पिया परदेश बसत हैं,
वो तो उनकी नारी सोच भरी,
मत जाओ पिया होली आय रही।
वो तो उनकी नारी सोच भरी,
मत जाओ पिया होली आय रही,
हे मत जाओ पिया होली आई रही।।

हे चातक मोर पपीहा बोले,
हे चातक मोर पपीहा बोले,
हे कोयल बोल सुनाय रही,
मत जाओ पिया होली आय रही।
वो तो कोयल बोल सुनाय रही,
मत जाओ पिया होली आई रही,
मत जाओ पिया होली आय रही,
ओ मत जाओ पिया होली आई रही।।

उड़त गुलाल लाल भए बादल,
हे उड़त गुलाल लाल भए बादल,
ऐसी नई रुत आय रही।
मत जाओ पिया होली आय रही,
हे मत जाओ पिया होली आई रही।।

पय्यां पड़त हूँ अरज करत हूँ,
ओ पय्यां पड़त हूँ अरज करत हूँ,
बाँह पकड़ समझाय रही।
मत जाओ पिया होली आई रही,
मत जाओ पिया होली आय रही,
मत जाओ पिया होली आई रही,
मत जाओ पिया होली आय रही।।

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