मार दियो रे मुगदर घुमे के

  • Mardiyo Re Mugdar Ghumay Ke

जिनकी गदा का जमाने में हल्ला
वो अंजना प्यारी माँ का है लल्ला
राम के संकट को अपना बनाया के
मार दियो रे मुगदर घुमे के
मार दियो रे देखो लंका में जायके।।

जिनक गदा का जमाने में हल्ला
वो अंजना प्यारी माँ का है लल्ला
राम के संकट को अपना बनाया के
मार दिया रे मुगदर घुमे के
मार दियो रे देखो लंका में जायके।।

सागर को लांघ गए सीधे लंका
पता लगा वहा सीता मां का
फल ख़ूब ख़या और बगिया उजादि
लडने जो आया उसे जामकर पछड़ा
धरती की धूल दिया सबको छाकाएके।।

मार दियो रे मुगदर घुमे के
मार दियो रे देखो लंका में जायके।।

पवन पुत्र उड़ कर चले लेने बूटी
दुत रावण का करे भक्ति झूठा।।

काल ने छल से हनुमत को रोका
कर ना सका बजरंगी से धोखा
दिया है उसी वही पर सुलाये के।।

मार दियो रे मुगदर घुमे के
मार दियो रे देखो लंका में जायके।।

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