मन्ने याद सतवे बाबा की
मन्ने याद सतवे बाबा की
चल मेहंदीपुर दरबार की ज्योत लगाऊंगी
मन्ने याद सतवे बाबा की
अंजनी का लाला बेदा पार कर दे।।
बाला रूप से चंदा वर्गा
मंदिर अंदर ज्यो जगी।।
प्रेम राज और भैरव बाबा
जिन्की अदालत वह लगी।।
टिकट तमं मैं भी कटौंगी
तहल बजावे बाबा की।।
चल मेहंदीपुर दरबार की ज्योत लगाऊंगी
मन्ने याद सतवे बाबा की।।
बाबा समाधि वाला संकट फेरी लाने से
कुल जा पेसी सारे पल में पियाज लड्डू खाने से।।
उपर काली मैया बैठी
संग में घाटे वाले से।।
संकट की ना पार बसवे
करते खेल निराला से।।
राम अवतार योगी उनके मिल के आऊंगी
जो शरण मैं पौ बाबा की।।
मेहंदीपुर दरबार की ज्योत लगाउंगी
मन्ने याद सतवे बाबा की।।
कैप्टन शर्मा और नरेंद्र जा बालाजी धाम हो
राम अवतार शमशेर वर्मा जापते उनका नाम हो
बालाजी की मेहर मैं भी पा के आऊंगी
वो महिमा गावे बालाजी की।।
चल मेहंदीपुर दरबार की ज्योत लगाऊंगी
मन्ने याद सतवे बाबा की।।


