मैया तेरी महिमा बड़ी सभी से
सारे जुग की है जो महारानी
ना महिमा जाए बखनी
कभी मा वो बनी कभी बेटी
कभी बेहन कभी दुल्हन
मैया तेरी महिमा बड़ी सभी से
नामो रूप दुर्गा नामो रूप काली
नामो रूप लक्ष्मी है जाने सभी
सती रूप बनकर भस्म खुद को करकर
गिरे तन थे काटकर
जहा एक एक अंग गिरा था
वही शक्ति पीठ बना था
सच्चा नाम तेरा
सच्चा धाम तेरा
सिर झुकते सब तेरी शरण
मैया तेरी महिमा बड़ी सभी से
महिषासुर को मारा असुर दल संहारा
नही टिक है पाए कोई दानव कही
पिए भर भर खप्पर
लहू काली बनकर
चामुंडा मैया को है जाने सभी
तीनो लोको में चर्चा
सब करते है फूलो की वर्षा
ब्रह्मा तुमसे बने विष्णु तुमसे बने
शिव बनके आए थे लालन
मैया तेरी महिमा बड़ी सभी से
ध्यानू को बचाकर अकबर को झुका कर
भरे जल वो पर ज्योति बुझती नही
घर श्री धार के जाकर
भंडारा ख़तम होने देती नही
भैरव का शीश हटाया
चर्नो में अपने लगाया
लिख कर ये भजन
मा को करके नमन
गगन गाता है भरके नयन
मैया तेरी महिमा बड़ी सभी से

