मैया मेरी माँ ,तू कहां गई मेरी माँ

  • maiya meri maa tu kaha gayi meri maa

मैया मेरी माँ ,तू कहां गई मेरी माँ,
बचपन मेरा रोता है भगवान भी सोता है,
क्यों छोड़ा अकेला माँ,भक्तों को जाती है,
हमें कौन सहारा दे,तुझे दया ना आती है,
मैया मेरी माँ………..

ना मरे किसी की माँ,बचपन के ज़माने में,
मैया जी बचपन के ज़माने मे,
भगवान भी सोता है,कलयुग के ज़माने मैं,
मैया मेरी माँ……….

तू छोड़ गई मुझको, मैं किसका सहारा लू,
इतना तो कर देना,तेरी ज्योति जलाता रहू-
मैया मेरी माँ……..

अब कोई नही मेरा ,रो रो के पुकरूँगा,
आकर के तू मैया,मुझे गोदी में बिठा लेना,
दर्शन तो दे जाना,
अम्बे मेरी माँ………

तेरे भक्त पुकारे माँ,बिनती तो सुन लेना,
मझदार पड़ी नइया,इसे पार लगा देना,
अपने धाम में ले लेना,चरणों से लगा लेना,
मैया मेरी माँ…….

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