मधुर मधुर मूरत हो मन में तिहारी
मधुर मधुर मूरत हो मन में तिहारी
बजरंग की बलिहारी के बिगड़ी बन जाये हमारी।।
मधुर मधुर मूरत हो मन में तिहारी
बजरंग की बलिहारी के बिगड़ी बन जाये हमारी।।
घिस घिस के चन्दन तिलक मैं लगाऊ
घिस घिस के चन्दन तिलक मैं लगाऊ
गूंथ गूंथ फूलो की माला मैं पहनाऊ
भक्तो ने भक्तो ने मिलकर तेरी आरती उतारी
बजरंग की बलिहारी के बिगड़ी बन जाये हमारी।।
मधुर मधुर मूरत हो मन में तिहारी
बजरंग की बलिहारी के बिगड़ी बन जाये हमारी।।
