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माई आव तारी

  • Maai Aav Taari

देव लोक से चल दिहली, शोर भइल सगरी स्वर्गवा से ना-०२
माई मोरे आव तारी नगरी, स्वर्गवा से ना-०२

जय जय माँ !
जय जय माँ !

जय जय जय जय माँ,
उड़हुल के फुलवा से हरवा बनाई,
पाऊंआ पखारे खातिर गंगा जल ले आई,
उड़हुल के फुलवा से हरवा बनाई,
पाऊंआ पखारे खातिर गंगा जल ले आई,
ओढ़नी से सखिया बहारे चले नगरी, स्वर्गवा से ना-०२
माई मोरे आव तारी नगरी, स्वर्गवा से ना-०२

और इस भजन को भी देखें : मेरे मन में भी दुर्गा मेरे तन में भी दुर्गा

जय माँ !
जय माँ !

जय जय जय जय माँ,
प्रणव बिहारी से पचरा लिखाइव,
आकाश करीना से गितिया गवाइब,
प्रणव बिहारी से पचरा लिखाइव,
आकाश करीना से गितिया गवाइब,
सेवका के अपना बचावे खातिर पगड़ी, स्वर्गवा से ना-०२
माई मोरे आव तारी नगरी, स्वर्गवा से ना-०२


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