लस्सी पीनी वृन्दावन दी पेड़े मथुरा दे जाके खाइये

  • Lassi Peeni Vrindawan Di Pede Mathura De Jaake Khaiye

लस्सी पीनी वृन्दावन दी,
पेड़े मथुरा दे जाके खाइये।।

होलियां ते मेला लगदा,
यह जावे जिसनु भुलावे राधा रानी,
होलियां ते मेला लगदा,
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

लुक लुक नाम जप ले,
ताहियो मुकना चोरसी वाला गेड़ा,
लुक लुक नाम जप ले,
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

एक मौका होर मिलिया,
खा पे के हंडा ना देवी,
एक मौका होर मिलिया
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

रओ रओ चढ़ बन्दियाँ,
जिथे राम रखे ओथे रहिये,
रओ रओ चढ़ बन्दियाँ,
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

मनके न तू गईं बन्दियाँ,
ओ वि गिन गिन आई ढाई जांदा,
मनके न तू गईं बन्दियाँ
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

रोला पाके दान ना करि,
जे तू स्वर्गा च लूटना नजारा,
रोला पाके दान ना करि,
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

एक मिक होजा बन्दिया
जीतो लंगना ओथे दो न लगनदे,
एक मिक होजा बन्दिया
लस्सी पीनी वृन्दावन दी

रब न चलाकी ना करि,
ओ दुकी दुकी दा हिसाब देना पेना,
रब न चलाकी ना करि,
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

वाना पावे पावी ना पावी,
अपने मन न रख ले ठिकाने
वाना पावे पावी ना पावी,
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

सिफ़्ता च फस न जावी,
कई आके जहानो तुर गये,
सिफ़्ता च फस न जावी,
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

ना हरिदासी कोलो लिख दी,
हाथ फड् के लिखावे राधा रानी
ना हरिदासी कोलो लिख दी,
लस्सी पीनी वृन्दावन दी।।

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