लाल देह और लाल है चोला मुखड़ा भोला भाला
लाल देह और लाल है चोला मुखड़ा भोला भाला,
ऐसे बजरंग बाला हो मां अंजनी का लाला,
शीश मुकुट है गदा हाथ में और गले में माला,
शीश मुकुट है गदा हाथ में और गले में माला,
ऐसे बजरंग बाला हो मां अंजनी का लाला।।
बजरंगबली के डर से सब भूत भाग जाते हैं,
इनकी माला जपने से सोये भाग्य जाग जाते है,
तो फिर तो नई रोशनी नया सवेरा,
तो फिर तो नई रोशनी नया सवेरा दूर अंधेरा काला,
ऐसे बजरंग बाला हो मां अंजनी का लाला।।
सियाहरण समय बाला ने श्री राम के काज सँवारे,
माता का पता लगाया और बन गए प्रभु के प्यारे,
ओर फिर-लंका नगरी को बाला ने,
ओर फिर-लंका नगरी को बाला ने तहस नहस कर डाला,
ऐसे बजरंग बाला हो मां अंजनी का लाला।।
ये रामभक्त कहलाते, प्रभु जी दिल मे रहते है,
इस लिए ये दुनिया वाले इनको राम दूत कहते है,
प्रभु जी-इनसे एक पल बिछुड़ ना पाए,
प्रभु जी-इनसे एक पल बिछुड़ ना पाए बन्धन है निराला,
ऐसे बजरंग बाला हो मां अंजनी का लाला।।

