कुहूके कोयलिया
तोर अंगना म हो मा….कुहूके कोयलिया ll2ll
चढ़ – घोर थे भकती के,रसना ना हो मा……
येहो रसना ना मा…. तोर भुवना मा….
कारी वो कोयलिया बइठे हे आमा डार
काया ले पंछी फेर मानुस कस चिंहार
चढ़ -लागा थे अजब मिठ बोलना हो मा……
येहो बोलना हो मा…. तोर भुवना मा….
कुहूके ज़ब कोयलिया स्वाशा के ले आधार
जाने बिन कइसे भकती के जोड़े तार
चढ़ -धनहे ये गौतम परेवना हो मा…..
ये परेवाना हो मा…. तोर भुवना मा….

