कूद-कूद के कैसे खेल दिखाया माँ अंजना तेरे बेटे ने
कूद-कूद के कैसे खेल दिखाया
माँ अंजना तेरे बेटे ने ,
लंका में जाके तहलका मचाया
माँ अंजना तेरे बेटे ने।।
ऐसे उड़े आसमा में निकले
धुप न सेह पाए सूरज को निगले,
सारे जगत में अँधेरा फैलाया
माँ अंजना तेरे बेटे ने,
कूद-कूद के कैसे खेल दिखाया।।
बजरंग बलि है बड़े शक्ति शाली,
है राम के भगत भक्ति निराली
जो राम के भक्त का मान पाया
माँ अंजना तेरे बेटे ने,
कूद-कूद के कैसे खेल दिखाया।।
संकट में हनुमान बचाते
राम जी के भक्त चरणों में आते ,
हर काम जो राम जी का बनाया
माँ अंजना तेरे बेटे ने,
कूद-कूद के कैसे खेल दिखाया।।
