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कृष्ण कन्हैया आज तुम्हारे हाथ में राखी बांधूंगी

  • Krishn Kanhaiya Aaj Tumhare Haath Mein Rakhi Bandhungi

कृष्ण कन्हैया आज तुम्हारे हाथ में राखी बांधूंगी-०२
प्रेम भाव के सिवा कन्हैया, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी-०२
कृष्ण कन्हैया आज तुम्हारे हाथ में राखी बांधूंगी,
प्रेम भाव के सिवा कन्हैया, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी-०२

इस राखी के तार तार में प्यार छुपा है बहना का,
सौगंध है तुझे मेरी कन्हैया, कहना मनो बहना का,
इस राखी के तार तार में प्यार छुपा है बहना का,
सौगंध है तुझे मेरी कन्हैया, कहना मनो बहना का,
मुझको अपनी बहन बना लो, भैया तुमको मानूंगी-०२
प्रेम भाव के सिवा कन्हैया, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी-०२

बहन द्रौपदी जैसा कन्हैया, अपना प्यार मुझे देना,
आशा लेकर आयी कन्हैया, मुझको सदा निभा लेना,
बहन द्रौपदी जैसा कन्हैया, अपना प्यार मुझे देना,
आशा लेकर आयी कन्हैया, मुझको सदा निभा लेना,
आज से तुमको सदा कन्हैया, रक्षक अपना मानूंगी-०२
प्रेम भाव के सिवा कन्हैया, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी-०२

हाथ बढ़ाओ आगे कन्हैया, इस राखी को बँधवाओ,
आशीर्वाद मुझे दे करके, मुझको कान्हा अपनाओ,

हाथ बढ़ाओ आगे कन्हैया, इस राखी को बँधवाओ,
आशीर्वाद मुझे दे करके, मुझको कान्हा अपनाओ,
बहन सुभद्रा जैसी बनकर, तुमसे प्रीत निभाऊंगी-०२
प्रेम भाव के सिवा कन्हैया, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी-०२

और इस भजन को भी देखें : भैया राखी बंधाने आना

मधुर मिलन की इस बेला में, ये राखी स्वीकार करो,
आशा लेकर बहन खड़ी है, सिर पे दया का हाथ धरो,
मधुर मिलन की इस बेला में, ये राखी स्वीकार करो,
आशा लेकर बहन खड़ी है, सिर पे दया का हाथ धरो,
बिन बंधवाये राखी कन्हैया, आज नहीं जाने दूंगी-०२
प्रेम भाव के सिवा कन्हैया, तुमसे कुछ नहीं मांगूगी-०२


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