किसी लाचार मजबूर को देख लो

  • kisi laachar majbur ko dekh lo

किसी लाचार मजबूर को देख लो,
किसी लाचार मज़बूरी को देख लो,
मेरे शिर्डी साईं मिल जायेगे,

किसी रोते के आंसू को तुम पोंच लो,
मेरे शिर्डी के साईं मिल जायेगे,
किसी लाचार मजबूर को देखलो

दिल दुखाऊ गा मैं न किसी न कभी,
लेके ओरो के गम बांटनी है ख़ुशी,
भूखे को रोटी प्यासे को पानी दू,
खुशियो से भर दू मैं सब की ही ज़िन्दगी,
इतना मन में जरा सा ही तुम सोच लो,
मेरे शिर्डी के साईं मिल जायेगे……

जन्म जिसने दिया उनका आदर करो,
उनके विश्वाश का न निरादर करो,
उनकी आँखों से अनसु ना आये कभी,
उनका दिल न दुखे याद इंतना रखो,
उनके चरणों में जन्नत को तुम देख लो,
मेरे शिर्डी के साईं मिल जायेगे,

कर्म एसे करो सिर कभी न झुके,
मेरे साईं की किरपा कभी न रुके,
सारे कर्मो का फल मिलता है आज कल किसी हरकत से दिल न किसी का दुखे,
सबके दिल में ही तुम साईं को देख लो,
मेरे शिर्डी के साईं मिल जायेगे,

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