करती शेर सवारी माँ लगती प्यारी प्यारी माँ
करती शेर सवारी माँ लगती प्यारी प्यारी माँ
पीले शेर पे बैठी मैया लाल चुनरिया चमके।।
पीले शेर पे बैठी मैया लाल चुनरिया चमके
आओ भक्तो मा के भवन पे नाचेंगे हम जमके
माँ का धाम है निराला मा का नाम है निराला
करती शेर सवारी मा लगती प्यारी प्यारी माँ।।
नवरते अब आए है रंग खुशी के छाये है
भक्तो ने देखो मा के भवन सजाए है।।
भरे ताल फल मेवा से माँ को मनाए सेवा से।।
मन की मुरादी माँ से मगाने को आए है
महारानी तेरे दरश को आए है।।
माथे उपर बाँध चुनरिया
भक्त लगाए ठुमके
पाव में पायल चमके।।
माँ का धाम है निराला माँ का नाम है निराला
करती शेर सवारी माँ लगती प्यारी प्यारी माँ ।।
मैया मेरी आएगी सबके काज बनाएगी
शेरवाली मैया सबको दर्श दिखाएगी।।
जगदांबे जग दाती है सबको गले लगती है
भक्तो की खाली झोली मा भर जाती है।।
माँ को मनालो पुकारो बुललो
जागालो मैया भाग्या जागती।।
आओ भक्तो मा के दर पे
हलवा बाते जमके
मिट जाएँगे पाप सभी के
भक्तो जानम जानम के।।
माँ का धाम है निराला माँ का नाम है निराला
करती शेर सवारी माँ लगती प्यारी प्यारी माँ।।
जो मा के गुण गाएँगा
भाव सागर तार जाएगा।।
आए जो माँ के द्वारे सब सुख पाएगा
निर्धन को धनवान करे भक्तो का कल्याण करे।।
बन जेया पुजारी माँ का दुख मिट जाएगा
मैया शेरोवली बलशाली वरदानी
भवानी माँ से फल तू पाएगा।।
ज्योत जगले तू मैया की
पीछा छूटे दूं से
आओ भक्तो माँ के भवन पे
नाचेंगे हम जमके ।।
माँ का धाम है निराला
माँ का नाम है निराला
करती शेर सवारी माँ
लगती प्यारी प्यारी माँ।।
