कण कण में ओम समाया है

  • Kan Kan Mein Om Samaya Hai

जय हो
कण कण में ओम समाया है-०२
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

प्रभु कैसी तुम्हारी माया है-०२
कण कण में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

हर जगह प्रभु का नाम है प्यारे,
हर कण कण में भगवन का नाम है।

जय हो !

कभी ब्रह्मा में ओम, कभी विष्णु में ओम,

कभी ब्रह्मा में ओम, कभी विष्णु में ओम,
रिद्धि सिद्धि में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है,
रिद्धि सिद्धि में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है,
कण कण में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

कण कण में ओम समाया है,
जय हो प्रभु, क्या लीला है आपकी !

कभी गंगा में ओम, कभी यमुना में ओम,

कभी गंगा में ओम, कभी यमुना में ओम,
कभी लहरों में ओम समाया है-०२
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

और इस भजन को भी देखें : कदम कदम पे करम तुम्हारा

कण कण में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

जय हो !

हाँ कण कण में ओम समाया है,
कण कण में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

कभी राम में ओम, कभी श्याम में ओम,

कभी राम में ओम, कभी श्याम में ओम,
हनुमत में ओम समाया है-०२
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

कण कण में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

जय हो !

कण कण में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

कभी गीता में ओम, कभी भागवत में ओम,

कभी गीता में ओम, कभी भागवत में ओम-०२
कभी वेदों में ओम समाया है-०२
कण कण में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है,
कण कण में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है,
हो प्रभु कैसी तुम्हारी माया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है,
कण कण में ओम समाया है,
जय हो,
हो कण कण में ओम समाया है,
प्रभु कैसी तुम्हारी माया है।

आप में हम में, कण कण में,
जो भी दिख रहा है,
सब प्रभु का हीं तो रूप है।
जाकी रही भावना जैसी,
प्रभु मूरत देखि तीन तैसी।


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