कामाख्या मैया तेरी शक्ति अपार तू है जगत जीवन आधार
संकट में तुझको माँ जिसने पुकारा
माँ कामाख्या बानी तू सहारा।।
कामाख्या मैया तेरी शक्ति अपार,
तू है जगत जीवन आधार,
तंत्र मंत्र और सारी सिद्धियों
पर है माँ तेरा अधिकार,
तू ही भगवती अदि सरकार
जिसका करे वंधन सरकार।।
तंत्र मंत्र और सारी सिद्धियों
पर है माँ तेरा अधिकार
कामाख्या मैया तेरी शक्ति अपार,
तू है जगत जीवन आधार।।
नरका सुर को मारा खोला मोक्ष द्वारा,
देदी उसको तुम को मुक्ति उमंग,
दर्श तेरा करे तन को निर्मल
माँ विषये भोग हरे मन को कोमल माँ,
आँगन वाची परग में सबके कर मियां सपने साकार,
कामाख्या मैया तेरी।।
जिसने तुझको ध्या फल इषुक पाया
तेरी महिमा से सुख उसके घर आया,
तेरी किरपा से माँ भेद सारे मिटे,
इस समा अँधिया आँचल का साया,
तंत्र मंत्र तूने सब है काटे दिया
साधक को सुख संसार,
कामाख्या मैया तेरी।।
तुझपे अर्पण वस्रों का परशाद मिले,
दुःख रोग और माँ व्यथाये तले,
तेरी किरपा से माँ सिद्ध होते है काज,
आये तेरी शरण उसकी रख ती है लाज,
अपनी ममता से माँ तूने भक्तों को अपने दिया तार,
कामाख्या मैया तेरी।।

