काली कमली वाला दिल में समाया रंग कोई चढ़ता नहीं
काली कमली वाला दिल में समाया
रंग कोई चढ़ता नहीं।।
काली कमली वाला दिल में समाया
रंग कोई चढ़ता नहीं।।
मेरी प्रीत को दिल से लगा
रंग कोई चढ़ता नहीं।।
काली कमली वाला दिल में समाया
रंग कोई चढ़ता नहीं।।
प्रीतम मुझको अपना बनाके
प्रीत को मेरी दिल से लगाके।।
हो मेरे दिल वाला दर्द भुलैया
रंग कोई चढ़ता नहीं
मेरी प्रीत को दिल से लगा
रंग कोई चढ़ता नहीं।।
काली कमली वाला दिल में समाया
रंग कोई चढ़ा नहीं।।
मैं तेरा ये प्रीत भी तेरी
प्यार की रसमो रीत भी तेरी।।
हा जो तूने मुझे अपना बनाया
रंग कोई चढ़ता नहीं
मेरी प्रीत को दिल से लगा
रंग कोई चढ़ता नहीं
काली कमली वाला दिल में समया
रंग कोई चढ़ता नहीं
कजरारे नैनो का काजल तीखी नजारे
दिल मेरा घायल
सारी दुनिया का होश भुलया
रंग कोई चढ़ा नहीं।।
मेरी प्रीत को दिल से लगा
रंग कोई चढ़ा नहीं
काली कमली वाला दिल में समया
रंग कोई चढ़ता नहीं।।
तेरी मुस्कान जादू टोना
बावरे मन का तू है खिलोना।।
हो नशा नाम वाला ऐसा पिलाया
रंग कोई चढ़ता नहीं।।
मेरी प्रीत को दिल से लगा
रंग कोई चढ़ता नहीं
काली कमली वाला दिल में समया
रंग कोई चढ़ता नहीं।।
हे सनवारे
काली कमली वाला दिल में समया
रंग कोई चढ़ता नहीं।।




