कल भी थी मेरी माँ आज भी मेरी माँ
कोई ब्रह्मा ना थे
कोई विष्णु ना थे
मात शक्ति ही थी
कोई शिव भी ना थे ।।
सारी श्रीष्टि की
सूत्रा धार है मेरी माँ
कल भी थी मेरी माँ
आज भी मेरी माँ।।
माँ से बढ़कर जहा में कोई नही
पूछ कर देखो कंकर भी कहता है माँ।।
माँ ही जल में भी है
माँ ही तल में है
माँ की महिमा है गाता पवन आसमान
सारे संसार की है तरण हार माँ
सारे जीओ की है पालन हार माँ
कल भी थी मेरी माँ आज भी मेरी माँ ।।
सूर्या की रोशनी में भी है मेरी माँ
चाँद की चाँदनी में भी है मेरी माँ
ज़िंदगी मेरी मा बंदगी मेरी माँ
लॉरी की रागनी में भी मेरी माँ
सारी ममता की वरदान है मेरी माँ
काजल सतेंद्रा की है जहा मेरी माँ
कल भी थी मेरी मा आज भी मेरी माँ।।
कोई ब्रह्मा ना थे कोई विष्णु ना थे
मात शक्ति ही थी कोई शिव भी ना थे।।
सारी श्रीष्टि की सूत्रा धार है मेरी
कल भी थी मेरी माँ आज भी मेरी माँ।।

